अगर आपका CIBIL स्कोर कम है और इसी वजह से अब तक लोन के लिए हर बार रिजेक्शन झेलना पड़ा है, तो अब राहत की खबर है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2026 में लोन और क्रेडिट सिस्टम को लेकर बड़े बदलाव किए हैं, जिससे कम सिविल स्कोर वालों के लिए भी लोन लेना आसान हो गया है। RBI के नए नियमों का सीधा मकसद यह है कि ईमानदार लेकिन सीमित क्रेडिट हिस्ट्री वाले लोगों को भी फाइनेंशियल सिस्टम में बराबर का मौका मिले।
अब तक कम CIBIL स्कोर का मतलब था कम लोन, ज्यादा ब्याज या सीधा इनकार। लेकिन CIBIL Score Change Rule 2026 के बाद यह तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है।
RBI ने क्यों बदले लोन और CIBIL से जुड़े नियम
भारतीय रिज़र्व बैंक का मानना है कि सिर्फ CIBIL स्कोर के आधार पर किसी व्यक्ति की क्रेडिट योग्यता तय करना हमेशा सही नहीं होता। देश में बड़ी आबादी ऐसी है जिसकी नियमित आय तो है, लेकिन क्रेडिट कार्ड या पुराने लोन का रिकॉर्ड नहीं है।
इसी वजह से RBI ने बैंकों और NBFCs को निर्देश दिए हैं कि वे लोन देते समय केवल CIBIL स्कोर पर निर्भर न रहें, बल्कि ग्राहक की आय, नौकरी की स्थिरता, बैंक ट्रांजैक्शन और रीपेमेंट क्षमता को भी प्राथमिकता दें।
कम CIBIL Score वालों के लिए क्या बदला
नए नियमों के तहत अब 650 से कम CIBIL स्कोर वाले ग्राहकों को भी लोन मिलने की संभावना बढ़ गई है। बैंक और फाइनेंस कंपनियां अब वैकल्पिक डेटा का इस्तेमाल कर सकती हैं, जैसे सैलरी अकाउंट स्टेटमेंट, बिजली और मोबाइल बिल भुगतान रिकॉर्ड और UPI ट्रांजैक्शन हिस्ट्री।
इसका मतलब यह है कि अगर आप समय पर बिल भरते हैं और आपकी आय स्थिर है, तो कम CIBIL स्कोर के बावजूद आपको पर्सनल लोन, एजुकेशन लोन या छोटे बिजनेस लोन मिल सकता है।
ब्याज दरों में भी मिलेगा फायदा
पहले कम CIBIL स्कोर वालों को बहुत ज्यादा ब्याज दर पर लोन दिया जाता था। लेकिन नए नियमों के बाद ब्याज दर तय करने की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाया गया है। अगर ग्राहक की आय और रीपेमेंट कैपेसिटी मजबूत है, तो ब्याज दर पहले के मुकाबले कम हो सकती है।
हालांकि बहुत खराब क्रेडिट हिस्ट्री वाले ग्राहकों को अब भी थोड़ी ऊंची ब्याज दर चुकानी पड़ सकती है, लेकिन पूरी तरह से लोन से वंचित रहना जरूरी नहीं होगा।
पहली बार लोन लेने वालों को मिलेगा बड़ा फायदा
CIBIL Score Change Rule 2026 का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो पहली बार लोन लेने जा रहे हैं। अब “नो क्रेडिट हिस्ट्री” को नेगेटिव नहीं माना जाएगा। बैंक ऐसे ग्राहकों को छोटे अमाउंट का लोन या क्रेडिट लिमिट देकर उनका रिकॉर्ड बनाने का मौका देंगे।
इससे युवा नौकरीपेशा, स्टूडेंट्स और छोटे व्यापारियों को काफी राहत मिलने वाली है।
डिजिटल डेटा से तय होगी लोन योग्यता
RBI के नए नियम डिजिटल इंडिया को भी मजबूत करते हैं। अब UPI ट्रांजैक्शन, डिजिटल पेमेंट और अकाउंट बिहेवियर के आधार पर भी क्रेडिट स्कोर का आकलन किया जाएगा। जो लोग डिजिटल पेमेंट का नियमित इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इसका सीधा फायदा मिलेगा।
इस बदलाव से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बैंकिंग सिस्टम से जुड़ने में आसानी होगी।
क्या पुराने लोन डिफॉल्टर को भी मिलेगा फायदा
अगर किसी व्यक्ति ने जानबूझकर लोन डिफॉल्ट किया है, तो नए नियम भी उसे पूरी छूट नहीं देते। लेकिन जिन लोगों की EMI कभी-कभी मिस हुई है या जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री कमजोर है, उन्हें सुधार का मौका जरूर मिलेगा।
RBI का फोकस सजा देने से ज्यादा सुधार पर है।
लोन लेने से पहले किन बातों का रखें ध्यान
कम CIBIL स्कोर के बावजूद लोन लेने से पहले यह जरूरी है कि आप अपनी आय और खर्च का सही आकलन करें। EMI आपकी कमाई के अनुसार होनी चाहिए। समय पर भुगतान करके आप अपना CIBIL स्कोर भी धीरे-धीरे सुधार सकते हैं।
एक साथ कई जगह लोन के लिए आवेदन करने से बचें, क्योंकि इससे स्कोर और गिर सकता है।
आम लोगों के लिए RBI का साफ संदेश
RBI का साफ संदेश है कि क्रेडिट सिस्टम ज्यादा समावेशी होना चाहिए। हर व्यक्ति को सिर्फ एक नंबर की वजह से पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए। नए नियम इसी सोच के साथ लागू किए गए हैं।
निष्कर्ष
CIBIL Score Change Rule 2026 कम CIBIL स्कोर वालों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब लोन सिर्फ स्कोर पर नहीं, बल्कि आपकी वास्तविक आर्थिक स्थिति पर मिलेगा। अगर आपकी आय स्थिर है और डिजिटल रिकॉर्ड साफ है, तो लोन मिलने की संभावना पहले से कहीं ज्यादा है। सही प्लानिंग और समय पर भुगतान से आप न सिर्फ लोन ले सकते हैं, बल्कि अपना CIBIL स्कोर भी सुधार सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। लोन की शर्तें बैंक और वित्तीय संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।