ट्रेन से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए आज से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब ट्रेन टिकट बुकिंग का सिस्टम पहले जैसा नहीं रहा। नए नियमों के तहत अब 60 दिन पहले टिकट बुक करने की व्यवस्था लागू कर दी गई है और इसके साथ ही 7 सख्त बदलाव भी किए गए हैं, जिनकी अनदेखी करने पर टिकट कैंसिल, वेटिंग या यात्रा में भारी परेशानी हो सकती है।
Train Ticket Timing Changed को लेकर यात्रियों में काफी हलचल है, क्योंकि समय, नियम या प्रक्रिया में जरा सी चूक पूरी यात्रा खराब कर सकती है।
रेलवे ने टिकट बुकिंग नियमों में बदलाव क्यों किया
Indian Railways का कहना है कि टिकट दलाली, बॉट्स के जरिए बुकिंग, फर्जी आईडी और अंतिम समय में कैंसिलेशन जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही थीं। खासतौर पर Tatkal और लंबी दूरी की ट्रेनों में आम यात्रियों को टिकट मिलना मुश्किल हो गया था।
इन्हीं समस्याओं को खत्म करने और सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए रेलवे ने टिकट बुकिंग टाइमिंग और नियमों में बड़े बदलाव किए हैं।
अब 60 दिन पहले टिकट बुकिंग का नया नियम
नए नियम के अनुसार अब यात्री अपनी यात्रा की तारीख से 60 दिन पहले ही रिजर्व टिकट बुक कर सकेंगे। पहले यह अवधि ज्यादा थी, लेकिन अब इसे घटाकर 60 दिन कर दिया गया है।
रेलवे का मानना है कि इससे फर्जी और अनावश्यक एडवांस बुकिंग कम होगी और वास्तविक यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
पहला सख्त बदलाव: Tatkal टिकट पर ज्यादा निगरानी
Tatkal टिकट बुकिंग पर अब पहले से ज्यादा निगरानी रखी जाएगी। एक ही यूजर आईडी से सीमित टिकट बुक किए जा सकेंगे और संदिग्ध गतिविधि पर आईडी ब्लॉक भी हो सकती है।
दूसरा बदलाव: KYC और प्रोफाइल अपडेट जरूरी
अब IRCTC अकाउंट में मोबाइल नंबर और ईमेल वेरिफिकेशन बेहद जरूरी हो गया है। जिन यात्रियों की प्रोफाइल अधूरी होगी, उन्हें टिकट बुकिंग में परेशानी आ सकती है।
तीसरा बदलाव: बार-बार कैंसिलेशन पर असर
अगर कोई यूजर बार-बार टिकट बुक करके कैंसिल करता है, तो उस अकाउंट पर नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर बुकिंग लिमिट घटाई जा सकती है।
चौथा बदलाव: एजेंट और बॉट्स पर सख्ती
रेलवे ने साफ कर दिया है कि ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर और एजेंट्स के जरिए टिकट बुक करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे अकाउंट्स तुरंत सस्पेंड किए जा सकते हैं।
पांचवां बदलाव: वेटिंग टिकट नियमों में सख्ती
अब वेटिंग टिकट को लेकर नियमों का सख्ती से पालन होगा। कुछ कैटेगरी में वेटिंग टिकट पर यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे यात्रियों को पहले से अलर्ट रहना होगा।
छठा बदलाव: Tatkal समय में जरा सी देरी भारी
Tatkal टिकट के समय में अब सेकंड लेवल पर मॉनिटरिंग होगी। गलत समय पर लॉगिन या देर होने पर सीट हाथ से निकल सकती है।
सातवां बदलाव: रिफंड और चार्ज नियम
कैंसिलेशन और रिफंड नियमों को भी सख्त किया गया है। देर से कैंसिल करने पर ज्यादा चार्ज कट सकता है, जिससे यात्रियों को सावधानी बरतनी होगी।
नई टिकट टाइमिंग न जानने पर क्या होगा नुकसान
अगर कोई यात्री पुरानी बुकिंग विंडो के हिसाब से टिकट बुक करने की कोशिश करता है, तो उसे टिकट ही नहीं मिलेगा। खासतौर पर लंबी दूरी और फेस्टिव सीजन में यह गलती भारी पड़ सकती है।
यात्रियों को क्या सावधानी रखनी चाहिए
यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे टिकट बुक करने से पहले नई टाइमिंग और नियम अच्छी तरह समझ लें। केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही टिकट बुक करें और किसी भी एजेंट या फर्जी वेबसाइट से दूरी बनाएं।
आगे और क्या बदलाव हो सकते हैं
रेलवे संकेत दे चुका है कि भविष्य में टिकट बुकिंग को और ज्यादा डिजिटल और सुरक्षित बनाया जाएगा। फेस वेरिफिकेशन, AI मॉनिटरिंग और डायनामिक बुकिंग सिस्टम जैसे बदलाव भी आगे देखने को मिल सकते हैं।
निष्कर्ष
Train Ticket Timing Changed के तहत लागू हुए नए नियम हर यात्री को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे। 60 दिन पहले टिकट बुकिंग और 7 सख्त बदलावों का मकसद सिस्टम सुधारना है, लेकिन नियम न जानने पर यात्रा बर्बाद भी हो सकती है। इसलिए अगर आप ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो नए नियमों की जानकारी रखना अब बेहद जरूरी हो गया है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। टिकट बुकिंग से जुड़े नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना जरूर जांचें।